29 October 15:46

गेहूं- पत्ती अंगमारी रोग का प्रबंध


गेहूं- पत्ती अंगमारी रोग का प्रबंध

गेहूं- पत्ती अंगमारी रोग का प्रबंध

लक्षण एवं हानि

शुरुआत में पत्तियों के ऊपरी हिस्से पर गोल धब्बे दिखाई पड़ते है।ये धब्बे अनियमित रूप से फैले होते है।धब्बे भूरे से काले रंग के होते है।ऊतकक्षयी क्षेत्र चमकीले पीले रंग से घिरा रहता है।धब्बे बड़े होकर मिल जाते है और बड़े धब्बे बन जाते है।काला चुर्ण पदार्थ कॉनीडिया और कॉनीडिया फॉर विकसित हो जाते है। इसी तरह के लक्षण बाली,पत्तियों पर दिखाई पड़ते है।

एेसे पाए नियंत्रण

3 ग्राम प्रति लीटर मेनकोजेब या कार्बाडजिम 1.5 ग्राम प्रति लीटर का छिड़काव करें। या 8 0.25 की दर से ज़ीनेब या मेनेब या कॉपर आक्सीक्लोराइड़ का 10-15 दिन के अन्तराल में छिड़काव करें।
प्रमाणित बीजों का उपयोग करें।
रोग प्रभावित पौधे उखाड़कर नष्ट कर दें।
आई.पी. एम
प्रतिरोधक किस्में जैसे एन.पी.-4, एन.पी.-52, एन.पी. -100, एन.पी.-824 को बोये।
खेत की साफ-सफाई पर ध्यान दें।
प्रमाणित बीजों का उपयोग करें।
देर से बुवाई न करें।
प्रभावित पौधों के अवशेषों को खेत से निकाल कर नष्ट कर दें।
मई-जून के महीनों में जब तेज धूप हो,बीज को सुबह 4 घंटे तक पानी में भिगोने के बाद धुप में अच्छी प्रकार से सुखा लें।